हरिद्वार पुलिस की सतर्कता से मिली परिवार की जमा पूंजी
हरिद्वार पुलिस कप्तान के आदेश पर चल रही सघन चेकिंग अभियान के कारण एक परिवार का सपना चकना चूर होने से बच गया और साथ ही घर का चिराग भी घर वापस आ गया। बताया जा रहा है कि परिजनो से नाराज होकर बच्चा अपना स्कूल बैग लेकर घर से चला गया था और साथ में लाखों की नगदी और गहने भी ले गया। हरिद्वार पुलिस की सतर्कता और अनुभव के आधार पर संदिग्ध दिखने पर पूछताछ की गई तो ये बड़ी बात सामने आई। यदि ये बच्चा पुलिस के हाथ न लगता तो कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात कोतवाली लक्सर क्षेत्र में एसएसपी के आदेशानुसार पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी एक साइकिल सवार नाबलिग बालक सुल्तानपुर की तरफ से आता हुआ दिखायी दिया। पुलिस ने बेवक्त नाबालिग को घूमता देख आशंका के तहत बालक से पूछताछ की तो जानकारी मिली कि बालक घर से नाराज होकर बिना बताए निकला है और उसके पास मकान बनाने व बहन की शादी के लिए पिता और चाचा द्वारा घर पर रखे गहने और नकदी भी था।
जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो टीम को सात लाख पन्द्रह हजार रुपये नगदी, दो सोने की अंगूठी एक जोडी कान की बालियां, 05 नोज पिन, 4 जोडी चांदी के बिछुए, 2 चांदी के सिक्के व एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
बालक के घर पर सम्पर्क कर उसके पिता राकेश पाल व चाचा हिप्पी किन्नर निवासी कनखल को थाने पर बुलाया गया, तो उनके द्वारा बताया गया कि पूरा परिवार बेटे की तलाश कर रहा था। बालक को नकदी, आभूषणों, साइकिल आदि सहित सकुशल परिजनों की सुपुर्दगी में दिया गया।
ऐसे ही उदाहरणों से उत्तराखंड पुलिस को मित्र पुलिस कहा जाता है। जिसके लिए सटीक कप्तान का सटीक नेतृत्व जरूरी होता है। अगर हरिद्वार पुलिस एसएसपी के निर्देशों का पालन न कर रही होती तो बालक के साथ कोई भी गम्भीर घटना हो सकती थी
