बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध
कोटद्वार। उत्तराखंड में लगभग पिछले 2 साल से चल रहे चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड के पहाड़ों को ही नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला दिया था। पहाड़ की बेटी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कहीं मुहिम चलाई गई तो कहीं कैंडलमार्च के साथ धरने प्रदर्शन भी देखने को मिले। लोगों को उम्मीद थी कि एक दिन न्याय जरूर मिलेगा। जिसको लेकर आज उत्तराखंड वासियों का सपना सच हुआ है। कोटद्वार एडीजे कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है।
विदित हो कि करीब तीन वर्ष पहले 18 सितंबर 2022 को यमकेश्वर के वनंत्रा रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उसके शव को चिल्ला शक्ति कैनाल में फेंक दिया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद निशानदेही पर कैनाल से शव को बरामद किया गया। जिसके बाद लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। आरोपियों के साथ मारपीट जैसी घटनाएं भी हुई। कैंडलमार्च और धरना प्रदर्शन भी देखने को मिले।

2024 में अंकिता भंडारी हत्या प्रकरण को उठाने वाले पत्रकार आशुतोष नेगी को किया गया था गिरफ्तार
पत्रकार पर दर्ज मुक़दमे को वापस लेने की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता 26 फरवरी से श्रीनगर में धरने पर बैठ गए। 5 मार्च को पत्रकार आशुतोष नेगी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अंकिता के माता-पिता समेत स्थानीय लोग अंकिता भंडारी को इंसाफ़ दिलाए जाने की मांग के साथ ही आशुतोष नेगी पर दर्ज मामले को फ़र्ज़ी बताते हुए श्रीनगर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे।
अब इस बहुचर्चित हत्याकांड में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। हत्या, साक्ष्य छुपाने जैसे समस्त आरोपों में तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।
अदालत के फैसले पर पूरे उत्तराखंड और देश के लोगों की निगाहें टिकी थीं। कोटद्वार में इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से पुलिस फोर्स कोटद्वार बुलाई गई। अदालत परिसर के बाहर की सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई।
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बीती 19 मई को अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी की ओर से बचाव पक्ष की बहस का जवाब सुना और अदालत ने दोनों पक्षों की बहस व दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए 30 मई की तिथि निर्धारित की थी। कोटद्वार स्थित एडीजे कोर्ट में 30 जनवरी, 2023 को मामले की पहली सुनवाई शुरू हुई थी। एसआईटी जांच के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 500 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया गया।
