देव शयनी एकादशी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का सैलाब, आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु
देव शयनी एकादशी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का सैलाब, आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु
देश के विभिन्न कोनों से हज़ारों श्रद्धालु देव शयनी एकादशी के पावन पर्व पर हरिद्वार पहुंचे हैं। आज गंगा नदी के तट पर आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालु अपने पापों का प्रायश्चित कर रहे हैं और पुण्य लाभ कमा रहे हैं।
तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने देव शयनी एकादशी का महत्व बताते हुए कहा, “देव शयनी एकादशी का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि को ‘चातुर्मास’ कहा जाता है, जो हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन गंगा स्नान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।”
हर की पैड़ी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। घाटों पर सफाई और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
हरिद्वार में धार्मिक स्थलों पर भी भीड़ देखी जा रही है। भक्तगण मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। जगह-जगह भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं। देव शयनी एकादशी के इस पर्व ने हरिद्वार को एक बार फिर से श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना दिया है, जहां श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास की डुबकी लगाकर धर्म के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट कर रहे है |
