पायलट बाबा की प्रमुख शिष्या महामंडलेश्वर केको आयकावा होंगी उनकी उत्तराधिकारी
हरिद्वार। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और आध्यात्मिक गुरु पायलट बाबा का मंगलवार को 86 साल की उम्र में मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था। बृहस्पतिवार को उन्हें जगजीतपुर स्थित आश्रम में भू समाधि दी गई। उनके बाद आश्रम की बागडोर और उनके उत्तराधिकारी को लेकर हो रही उहापोह को खत्म करते हुए जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक श्री हरिगिरी महाराज ने घोषणा की कि पायलट बाबा की मुख्य शिष्या कोको आइकावा उनकी उत्तराधिकारी होंगी। श्री हरिगिरि महाराज ने यह घोषणा जगजीतपुर स्थित पायलट बाबा के आश्रम में की। घोषणा करते हुए श्रीमहंत हरिगिरी ने कहा कि ब्रह्मलीन पायलट बाबा की प्रमुख शिष्या महामंडलेश्वर केको आईकावा (योगमाता केवलानंद) आश्रम की अध्यक्ष, महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरी एवं साध्वी श्रद्धा गिरी महामंत्री होंगी। तीनों महिला शक्तियों के नाम की घोषणा करते हुए श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर केको आईकावा, महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरी व साध्वी श्रद्धा गिरी को आश्रम की जिम्मेदारी सौंपकर जूना अखाड़े ने भारत की महिला सशक्तिकरण की परंपरा को आगे बढ़ाया है।
जापान की रहने वाली केको आइकावा को साधक योग माता के नाम से जानते हैं। वे पिछले कई सालों से पायलट बाबा के योग और ध्यान शिविरों में उनके साथ रहती थी। महामंडलेश्वर केको आईकावा (योगमाता केवलानंद) विद्वान संत हैं। अखाड़े को पूरा विश्वास है कि केको आईकावा अपने गुरू ब्रह्मलीन पायलट बाबा के कार्यो को सफलता पूर्वक आगे बढ़ाएंगी। श्री हरिगिरी महाराज ने ब्रह्मलीन पायलट बाबा को याद करते हुए कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में उनके योगदान और उनकी उदारता सरहानीय थी जिस को देखते हुए अखाड़े की ओर से उन्हें आचार्य पद का प्रस्ताव भी दिया गया था। जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था।
जूना अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज ने तीनों नवनियुक्त को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महामंडलेश्वर केको आईकावा, महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरी व साध्वी श्रद्धा गिरी ब्रह्मलीन पायलट बाबा की तीनों शिष्या उनके योग शिक्षाओं और देश विदेश में फैले आश्रमों की सेवा संस्कृति को आगे बढ़ाएंगी। नवनियुक्त अध्यक्ष महामंडलेश्वर केको आईकावा (योगमाता केवलानंद) ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूज्य गुरूदेव के अधूरे कार्यो को पूरा करना ही उनके जीवन का उद्देश्य है। महामंत्री साध्वी चेतनानंद गिरी व साध्वी श्रद्धा गिरी ने कहा कि पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन पायलट बाबा की शिक्षाएं और उनके जीवन आदर्श सदैव उन्हें प्रेरणा देते रहेंगे।
इस अवसर पर जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी, आव्हान अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अरूण गिरी महाराज, जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेशपुरी महाराज, सचिव श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि महाराज, सचिव देवानंद गिरी महाराज, थानापति धर्मेंद्र गिरी महाराज,अष्टकौशल मंहत प्रचार गिरी महाराज आदि कई संत महंत मौजूद रहे।
