भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और जाने माने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह का निधन

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुरुवार शाम को सांस लेने में हुई दिक्कत

शाम को दिल्ली के एम्स अस्पताल में किया गया भर्ती, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली

2006 में हो चुकी थी बाईपास सर्जरी

कांग्रेस कार्यकाल में 2004 से 2014 तक रह चुके है प्रधानमंत्री

बड़े अर्थशास्त्रियों में होती थी गिनती

दिल्ली। 1991 में भारत को आर्थिक संकट से उबारने वाले  संकटमोचक व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरूवार को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। दरअसल, उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उनकी मौत पर राजनीतिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुरुवार की शाम को सांस में तकलीफ के चलते दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह 92 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

जानकारी के अनुसार साल 2006 में मनमोहन सिंह की दूसरी बार बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से वह काफी बीमार चल रहे थे। गुरुवार को उन्हें सांस लेने में तक़लीफ और बेचैनी के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था।

उनका जन्म 26 सितम्बर 1932 को पश्चिमी पंजाब के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था। साल 2004 से 2014 तक दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे थे और भारत के बड़े अर्थशास्त्रियों में उनकी गिनती होती थी। उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय और ग्रेट ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। वे 1985 से 1987 तक भारतीय योजना आयोग के प्रमुख भी रहे थे।

जानकारी के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 2006 में दोबारा बाइपास सर्जरी हुई थी। जिसके लिए मुंबई से स्पेशलिस्ट डॉक्टर रमाकांत पांडा को बुलाया गया था। इसके अलावा कोरोना काल में उन्हें कोविड भी हुआ था, जिसके बाद से उन्हें सांस लेने में भी काफ़ी तकलीफ रहती थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार को तक़रीबन आठ बजे उन्हें दिल्ली के एम्स इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां करीब आधे घंटे बाद उनका निधन हो गया। मनमोहन सिंह को हमेशा उनके सरल और शांत स्वभाव के लिए याद किया जाएगा।

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