चुनाव आयोग ने पत्रकार वार्ता कर इन दो राज्यों में विधानसभा चुनाव कि तिथि घोषित की

0

आज दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दो राज्यों में विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित कर दी है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले चरण का चुनाव 18 सितंबर, दूसरे चरण का चुनाव 25 सितंबर और तीसरे चरण का चुनाव 1 अक्टूबर में संपन्न कराया जाएगा। वही हरियाणा का विधानसभा चुनाव पहले ही चरण में संपन्न कर दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने बताया कि जम्मू कश्मीर में 360 मॉडल पोलिंग बूथ होंगे और 11833 पोलिंग बूथ होंगे। चुनाव आयोग के अनुसार फाइनल वोटरलिस्ट 20 अगस्त को जारी होगी। वही हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों पर 20 हजार 629 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यहां 73 सामान्य सीटे और 17 एस सी सीटें हैं। इसकी वोटर लिस्ट 27 अगस्त को जारी की जाएगी। चुनाव आयोग की टीम ने दोनों राज्यों में दो-दो दिवसीय दौरे किए हैं। जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और दो चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसएस संधू शामिल थे। चुनाव आयोग की टीम ने 8 और 9 अगस्त को जम्मू कश्मीर में और 12 और 13 अगस्त को हरियाणा में दौरा किया। चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू कश्मीर के दौरे में चुनाव को लेकर सभी पार्टियों में गजब का उत्साह देखने को मिला। आपको बता दें यहां लोकसभा में तीन सीटों पर हुए चुनाव में 51% वोटिंग हुई थी।

चुनाव आयोग के अनुसार इस बार जम्मू कश्मीर विधानसभा में 3 सीटें बढ़ाई गई है। जम्मू कश्मीर में पहले 87 विधानसभा सीटें थी। इनमें से 37 जम्मू में, 46 कश्मीर घाटी में और लद्दाख में 6 सीटें थी। लेकिन परिसीमन के बाद जम्मू कश्मीर विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है। जिनमें 43 सीटें जम्मू और तकरीबन 47 सीटें कश्मीर में है। जम्मू कश्मीर में हुए विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे, वहीं आर्टिकल 370 हटने के बाद 2024 में जम्मू कश्मीर में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। यदि हरियाणा विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो राजनीतिक पार्टियां यहां 90 विधान सभा सीटों पर अपना दमखम दिखाएंगी। 2019 में हुए चुनाव में पिछले 19 वर्षो में सबसे कम 61.62 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शाम 5 बजे तक 53.78 फीसदी ही मतदान हुआ था। परंतु उसके बाद वोटिंग में तेजी आई और आंकड़ा 61.62 प्रतिशत पर पहुंचा।

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद जम्मू कश्मीर की राजनीति में हलचल देखने को मिली इस बार नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने अपने बेटे उमर अब्दुल्लाह की जगह खुद चुनाव लडने का ऐलान किया। कहा कि “मैं यह चुनाव लड़ूंगा, उमर अब्दुल्ला चुनाव नहीं लड़ेंगे। जब राज्य का दर्जा मिल जाएगा तो मैं पद छोड़ दूंगा और उस सीट पर उमर अब्दुल्ला चुनाव लड़ेंगे।”_ उन्होंने कहा कि हम राज्य का दर्जा चाहते हैं और यह भारत सरकार का वादा है कि पूर्ण राज्य का दर्जा होगा। तो वहीं डीपीएपी के नेता गुलाम नबी आजाद ने 10 साल बाद प्रतिनिधि चुनने का मौका मिलने पर खुशी जताई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed