मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन…!
रुद्रपुर के प्रीतविहार स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गयी। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। मामले को लेकर पुलिस से भी शिकायत की गयी। बाद में परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक बिलासपुर निवासी सतपाल की पत्नी ने मंगलवार दोपहर एक निजी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्ची की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे प्रीत विहार स्थित मर्सी चाईल्ड केयर हॉस्पिटल में रैफर कर दिया। बताया गया कि यहां नवजात बच्ची को ड्रिप लगाई गयी जिससे उसके हाथ पांव फूलने लगे और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने अस्पताल के डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इससे पहले भी अस्पताल में एक मासूम ने जान गंवाई थी जिसको लेकर यहां खूब हंगामा हुआ था और अस्पताल को सील कर दिया गया था। आपको बता दें जब इसे सील किया गया था तब इस अस्पताल का नाम द मेडि स्टार था और इसे दोबारा खोलने के लिए इसका नाम बदलकर मर्सी चाईल्ड केयर हॉस्पिटल कर दिया गया। जो कि कई सवाल खड़े करता है। जब इस बाबत उधम सिंह नगर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा से बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही।
जिस अस्पताल को मासूम की मौत के चलते सील किया गया था उसी अस्पताल को नाम बदलकर दोबारा खोला जाना कई सावल खड़े करता है। नाम बदलकर दोबारा अस्पताल खोलने से डॉक्टर को हादसों को दोहराने का सर्टिफिकेट तो नही दिया जा सकता। अस्पताल में मासूम की मौत की पुनरावृति को लेकर कौन है जिम्मेदार? अस्पताल प्रबंधन या वो प्रशासन जिसकी नाक के नीचे ये अस्पताल दोबारा खोला गया..!
