जानिए आज का पंचांग और क्या है रविवार विशेष
आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 1 सितम्बर 2024
दिन – रविवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास – भाद्रपद
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी प्रातः 05:21 सितम्बर 02 तक तत्पश्चात अमावस्या
नक्षत्र – अश्लेषा रात्रि 09:49 तक तत्पश्चात मघा
योग – परिघ शाम 05:50 तक तत्पश्चात शिव
राहु काल – शाम 05:22 से शाम 06:57 तक
सूर्योदय – 06:22
सूर्यास्त – 06:57
दिशा शूल – पश्चिम दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:36 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:14 से दोपहर 01:05 तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 12:17 सितम्बर 02 से रात्रि 01:02 सितम्बर 02 तक
व्रत पर्व विवरण – मासिक शिवरात्रि
विशेष – चतुर्दशी के दिन स्त्री-सहवास और तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.37-38)
स्वास्थ्य की कुंजियाँ
- प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के बाद नीम व तुलसी के पाँच-पाँच पत्ते चबाकर ऊपर से थोड़ा पानी पीने से प्लेग तथा कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है ।
- सुबह खाली पेट चुटकी भर साबुत चावल (अर्थात् चावल के दाने टूटे हुए न हों) ताजे पानी के साथ निगलने से यकृत (लीवर) की तकलीफें दूर होती हैं ।
- केले को सुबह खाने से उसकी कीमत ताँबे जैसी, दोपहर को खाने से चाँदी जैसे और शाम खाने से सोने जैसी होती है । शारीरिक श्रम न करने वालों को केला नहीं खाना चाहिए । केला सुबह खाली पेट भी नहीं खाना चाहिए । भोजन के बाद दो केला खाने से पतला शरीर मोटा होने लगता है ।
- जलनेति करने से आँख, नाक, कान और गले की लगभग 1500 प्रकार की छोटी-बड़ी बीमारियाँ दूर होती हैं।
- रोज थोड़ा-सा अजवायन खिलाने से प्रसूता की भूख खुलती है, आहार पचता है, अपान वायु छूटती है, कमरदर्द दूर होता है और गर्भाशय की शुद्धि होती है ।
- रात का शंख में रखा हुआ पानी तोतले व्यक्ति को पिलाने से उसका तोतलापन दूर होने में आशातीत सफलता मिलती है । चार सूखी द्राक्ष रात को पानी में भिगोकर रख दें । उसे सबेरे खाने से अदभुत शक्ति मिलती है ।
- पश्चिम दिशा की हवा, शाम के समय की धूप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ।
- बालकों की निर्भयता के लिए गाय की पूँछ का उतारा करें ।
रविवार विशेष
- रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
- रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
- रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
- रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।
- रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।
- स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।
- रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।
- रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।
