महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की मदद के लिए सरकार की नई पहल, मेले में मददगार को पहचानना होगा आसान
विशेष ट्रैक सूट में श्रद्धालुओं की मदद को तत्पर रहेंगे ड्राइवर, नाविक और गाइड
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रयागराज में की जा रही नई पहल
ट्रैक सूट पर कुंभ और पर्यटन विभाग के प्रतीक चिन्ह भी किए जाएंगे अंकित
पहचानना होगा आसान, पर्यटकों को सहायता प्राप्त करने में भी होगी सुविधा
प्रत्येक सुविधा श्रेणी की अलग अलग रंगों से होगी पहचान
मेले के दौरान होने वाली अव्यवस्थाओं को बहुत हद तक किया जा सकेगा नियंत्रित
प्रयागराज। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारी जोरों पर है। इसे और नव्य भव्य बनाने के लिए सरकार नित नए आधुनिक स्तर के प्रयास कर रही है। इसके अंतर्गत आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने कुछ नई पहल की हैं। खासतौर से कुंभ मेले में कार्यरत ड्राइवर, नाविक, गाइड और ठेला संचालकों को विशेष तरह के ट्रैक सूट पहनाने की योजना बनाई गई है। इससे ना केवल इन्हें पहचानना आसान होगा, बल्कि पर्यटकों को भी इनसे सहायता प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।

विशेष पहचान के लिए विभिन्न रंग
चारों श्रेणियों के लिए विशेष ट्रैक सूट तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासन ने यह निर्णय इस बात को ध्यान में रखते हुए लिया है कि मेले में भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों को आवश्यक सेवाएं सहजता से मिल सकें। ड्राइवरों, नाविकों, गाइडों और ठेला संचालकों के लिए अलग अलग प्रकार के ट्रैक सूट निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार, हर श्रेणी की अपनी एक विशिष्ट पहचान होगी, जिससे यात्री आसानी से इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
प्रतीक चिन्ह से होगी पहचान
प्रत्येक ट्रैक सूट पर कुंभ और पर्यटन विभाग का प्रतीक चिन्ह अंकित होगा। यह संबंधित व्यक्ति की पहचान को दर्शाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से मेले में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और यात्री समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें: बड़ी खबर: देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, 10 हज़ार का इनामी बदमाश हुआ घायल
सुविधा और सुरक्षा की दिशा में एक कदम
महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखना एक चुनौती होती है। ट्रैक सूट योजना का उद्देश्य यात्रियों को सहजता और सुविधा प्रदान करना है। पर्यटन विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल पर्यटकों की सहूलियत में इजाफा होगा, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
महाकुंभ 2025 में ड्राइवर, नाविक, गाइड और ठेला संचालकों को ट्रैक सूट प्रदान किए जाएंगे। इन ट्रैक सूट पर पर्यटन और कुंभ का लोगो भी अंकित होगा। ये बदलाव विशेष आकर्षण होंगे, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे।
अपराजिता सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
