जानिए आज का पंचांग और क्या है एकादशी विशेष
आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 29 अगस्त 2024
दिन – गुरुवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास – भाद्रपद
पक्ष – कृष्ण
तिथि – एकादशी रात्रि 01:37 अगस्त 30 तक तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र – आर्द्रा शाम 04:39 तक तत्पश्चात पुनर्वसु
योग – सिद्धि शाम 06:18 तक तत्पश्चात व्यतिपात
राहु काल – दोपहर 02:15 से दोपहर 03:50 तक
सूर्योदय – 06:21
सूर्यास्त – 07:00
दिशा शूल – दक्षिण दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:50 से 05:36 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:15 से 01:06 तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 12:18 अगस्त 30 से रात्रि 01:03 अगस्त 30 तक
व्रत पर्व विवरण – अजा एकादशी, सर्वार्थ सिद्धि योग (शाम 04:39 से प्रातः 06:21 अगस्त 30 तक), व्यतिपात योग (शाम 06:19 से शाम 05:47 अगस्त 30 तक)
विशेष – एकादशी को सिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
एकादशी विशेष
एकादशी व्रत के लाभ
- एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।
- जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
- जो पुण्य गौ-दान, सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है।
- एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।
- धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।
- कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।
- परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।
