जानिए आज का पंचांग और कर्ज निवारण एवम धन वृद्धि हेतु किन बातों का रखें ध्यान
आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक – 31 अगस्त 2024
दिन – शनिवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास – भाद्रपद
पक्ष – कृष्ण
तिथि – त्रयोदशी रात्रि 03:40 सितम्बर 01 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
नक्षत्र – पुष्य शाम 07:39 तक तत्पश्चात अश्लेषा
योग – वरीयान शाम 05:39 तक तत्पश्चात परिघ
राहु काल – प्रातः 09:31 से प्रातः 11:05 तक
सूर्योदय – 06:22
सूर्यास्त – 06:58
दिशा शूल – पूर्व दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से 05:36 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:14 से 01:05 तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 12:17 सितम्बर 01 से रात्रि 01:03 सितम्बर 01 तक
व्रत पर्व विवरण – शनि त्रयोदशी, प्रदोष व्रत
विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
कर्ज-निवारण व धन-वृद्धि हेतु रखें इन बातों का विशेष ध्यान
- झाडू को कभी पैर न लगायें ।
- भोजन बनाने के बाद तवा, कढ़ाई या अन्य बर्तन चूल्हे से उतारकर नीचे रखें ।
- घर के दरवाजे को कभी भी पैर से ठोकर मार के न खोलें ।
- देहली (दहलीज) पर बैठकर कभी भोजन न करें ।
- सुबह शाम की पहली रोटी गाय के लिए बनायें व समय-अनुकूलता अनुसार खिला दें ।
- घर के बड़ों को प्रणाम करें । उनके आशीर्वाद से घर में बरकत आती है ।
- रसोईघर में जूठे बर्तन कभी भी नहीं रखें तथा रात्रि में जूठे बर्तन साफ करके ही रखें ।
- घर में गलत जगह शौचालय बन गया हो तो शौचालय में नमक रखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव दूर होता है । नमक को शौचालय के अलावा कहीं भी खुला न रखें । इससे धन-नाश होता है ।
- घर की नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) दूर करने के लिए हफ्ते में एक बार नमक मिले पानी से पोंछा लगायें ।
- घर में जितनी भी घड़ियाँ हों उन्हें चालू रखें, बंद होने पर तुरंत ठीक करायें, धनागम अच्छा होगा ।
- घर की छत पर टूटी कुर्सियाँ, बंद घड़ियाँ, गत्ते के खाली डिब्बे, बोतलें, मूर्तियाँ या कबाड़ नहीं रखना चाहिए ।
- घर में जाला या काई न लगने दें ।
- घर की दीवारों व फर्श पर पेंसिल, चाक आदि के निशान होने से कर्ज चढ़ता है । निशान हों तो मिटा दें ।
- बाधाओं से सुरक्षा हेतु हल्दी व चावल पीसकर उसके घोल से या केवल हल्दी से घर के प्रवेश द्वार पर ॐ बना दें ।
- प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय के पूर्व उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें । असत्य वचन न बोलें । पूजाघर में दीपक व गौ-चंदन धूपबत्ती जलायें । हो सके तो ताजे पुष्प चढ़ायें और तुलसी या रुद्राक्ष की माला से अपने गुरुमंत्र का कम से कम १००० बार (१० माला) जप करें । जिन्होंने मंत्रदीक्षा नहीं ली हो वे जो भी भगवन्नाम प्रिय लगता हो उसका जप करें ।
शनिवार के दिन विशेष प्रयोग
- शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)
- हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)
आर्थिक कष्ट निवारण हेतु
एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।
